साबूदाना खिचड़ी रेसिपी नवरात्रि, एकादशी और दूसरे व्रतों में बनाई जाने वाली लोकप्रिय फलाहारी डिश है। इसे साबूदाना, आलू, मूंगफली और हल्के मसालों से तैयार किया जाता है। इसका स्वाद हल्का चटपटा होता है। साथ ही, भुनी हुई मूंगफली इसमें स्वाद और कुरकुरापन जोड़ती है।
अगर आपको व्रत में कुछ स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाला खाना चाहिए, तो यह रेसिपी जरूर आजमाएं। इसमें घी, जीरा, हरी मिर्च और करी पत्ते का तड़का लगाया गया है। इसके बाद उबले आलू और भीगा हुआ साबूदाना मिलाकर पकाया जाता है। आखिर में नींबू का रस डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
इस रेसिपी की खास बात यह है कि इसमें साबूदाने के दाने अलग-अलग और खिले-खिले बनते हैं। हालांकि, इसके लिए साबूदाने को सही तरीके से भिगोना जरूरी है। साथ ही, पकाते समय इसे हल्के हाथों से चलाना चाहिए।
आप इस खिचड़ी को व्रत के अलावा सामान्य नाश्ते में भी बना सकते हैं। इसके अलावा, Meenraz Cooking पर दूसरी स्वादिष्ट व्रत स्पेशल रेसिपीज़ भी देख सकते हैं।
साबूदाना खिचड़ी व्रत में क्यों खाई जाती है?
साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च से बना होता है। इसलिए यह कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। इसके अलावा, आलू भी इस रेसिपी में कार्बोहाइड्रेट जोड़ता है।
वहीं, मूंगफली से फैट और कुछ प्रोटीन मिलता है। हालांकि, साबूदाना अपने आप में प्रोटीन और फाइबर का समृद्ध स्रोत नहीं है। इसलिए सामान्य दिनों में इसे संतुलित भोजन का हिस्सा बनाना बेहतर है।
साबूदाना खिचड़ी नवरात्रि और एकादशी जैसे व्रतों में लोकप्रिय फलाहारी भोजन है। हालांकि, व्रत के दौरान खानपान के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री चुनना जरूरी है।
अगर आप नवरात्रि के व्रत में क्या खाना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, यह जानना चाहते हैं, तो नवरात्रि व्रत संबंधी टिप्स भी पढ़ सकते हैं।
साबूदाना खिचड़ी के साथ क्या परोसें?
व्रत स्पेशल साबूदाना खिचड़ी को सादे दही के साथ परोसा जा सकता है। इसके अलावा, आप अपने व्रत के नियमों के अनुसार फलाहारी रायता भी बना सकते हैं।
अगर आप व्रत नहीं रख रहे हैं, तो इसे सामान्य नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं।
20 मिनट मिठाई और डेज़र्ट
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